Wednesday, 26 June 2019, 5:37 AM

उपदेश

अस्तीन में साँप पालें ही क्यों साँच कहै ता...

Updated on 22 September, 2017, 12:56
रोहिंग्या मुसलमानों का मसला कई दिनों से चित्त को मथे हुए है। टीवी चैनल्स में कल बंगाल के एक मौलवी देश को चीख चीख कर चैलेंज दे रहे थे कि हिम्मत हो तो कोई इन्हें यहां से निकाल कर दिखाए। सियासी दलों के नुमाइंदों की नोकझोंक भी कानों में घुसी।... आगे पढ़े

सकारात्मक सोच के जादू से जीवन बनेगा खुशहाल, आजमा कर देखें

Updated on 17 September, 2017, 7:30
एक आदमी समुद्र तट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुक कर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फैंक दिया। उसके नजदीक पहुंचने पर आदमी ने उससे पूछा, ‘‘और भाई, क्या कर रहे हो?’’ युवक ने जवाब दिया, ‘‘मैं इन... आगे पढ़े

भगवान बुद्ध के अनुसार चार प्रकार के मनुष्य होते हैं, आप किस श्रेणी में आते हैं

Updated on 16 September, 2017, 7:15
प्रवचन के उपरांत एक जिज्ञासु राजा ने भगवान बुद्ध से प्रश्र किया, ‘‘महाराज, आपने अभी-अभी कहा कि मनुष्य चार प्रकार के होते हैं। कृपया समझाइए।’’ भगवान बुद्ध ने उत्तर दिया, ‘‘मनुष्य चार प्रकार के होते हैं- एक तिमिर से तिमिर में जाने वाला, दूसरा तिमिर से ज्योति की ओर जाने वाला,... आगे पढ़े

अब चड्ढी पहन के फूल नहीं खिलते

Updated on 13 September, 2017, 12:18
........जंगल जंगल बात चली है पता चला है, अरे चड्ढी पहनके फूल खिला है,फूल खिला है।                               ..    महाकवि गुलजार हम लोग के जमाने का बचपन क्या मस्त था। न पीठ पर बस्ते का बोझा, न सबक का टेंशन, न ट्यूशन की भागमभाग। माँ-बाप सबकुछ भगवान और स्कूल के मास्साब पर छोड़़ देते... आगे पढ़े

कुछ इस तरह तय होता है किसी भी व्यक्ति का भविष्य

Updated on 12 September, 2017, 5:45
किसी गांव में 2 साधु रहते थे। वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गांव में आंधी आ गई और बहुत जोरों की बारिश होने लगी। दोनों साधु गांव की सीमा से लगी एक झोंपड़ी में निवास करते थे। शाम को जब दोनों वापस... आगे पढ़े

हमेशा भगवान का नाम लेने पर भी मन में आते हैं कुविचार, जानें क्यों होता है ऐसा

Updated on 7 September, 2017, 0:45
एक बार स्वामी रामकृष्ण से एक साधक ने पूछा, ‘‘मैं हमेशा भगवान का नाम लेता रहता हूं, भजन-कीर्तन करता हूं, ध्यान लगाता हूं, फिर भी मेरे मन में कुविचार क्यों उठते हैं?’’ यह सुनकर स्वामी जी मुस्कुराए। उन्होंने साधक को समझाने के लिए एक किस्सा सुनाया। एक आदमी ने एक कुत्ता... आगे पढ़े

बुरा काम करने से पहले पढ़े ये कथा, बदल जाएगा नजरिया

Updated on 5 September, 2017, 3:45
संसार का हर जीव-जंतु एक विशिष्ट उपकरण की निगरानी में है। जिस तरह आजकल सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे होते हैं और हमारी हर प्रक्रिया उसमें कैद हो जाती है, उसी तरह हमारा हर कर्म भी एक जगह सुरक्षित है। हमारा अवचेतन मन वह सजीव उपकरण है जिस चिप में हमारे हर... आगे पढ़े

गरुड़ पुराण की इन बातों पर करें अमल, इनमें है सफलता का अचूक मंत्र

Updated on 29 August, 2017, 5:25
गरुड़ पुराण में स्वर्ग, नरक, पाप-पुण्य के अलावा ज्ञान, विज्ञान, नीति, नियम और धर्म की भी बातें हैं। गरुड़ पुराण में एक ओर जहां मौत का रहस्य है तो दूसरी ओर जीवन का रहस्य भी छिपा हुआ है। गरुड़ पुराण से हमें कई तरह की शिक्षाएं मिलती है। गरुड़ पुराण... आगे पढ़े

जादुई तावीज, जिसके आगे कठिनाइयां और बाधाएं उडऩ-छू हो जाती हैं

Updated on 7 August, 2017, 6:45
हर व्यक्ति सफल होना चाहता है। सफलता भाग्य की फसल और पुरुषार्थ की निष्पत्ति है, जो हर किसी को नसीब नहीं होती। यह सतत् जागरूकता, जीवन के प्रति सकारात्मकता एवं अच्छाई की ग्रहणशीलता से संभव है। कुछ अलग पहचान बनाने या सफलता को हासिल करने के लिए जीवन में ग्रहणशीलता... आगे पढ़े

खुद में यह आदत पाल कर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे अपना जीवन नष्ट

Updated on 6 August, 2017, 8:05
हममें से ज्यादातर लोग कंफर्ट जोन में रहना पसंद करते हैं क्योंकि यहां उन्हें आराम और सुरक्षा का अहसास होता है। मगर कंफर्ट जोन कोई हकीकत नहीं है, बल्कि यह तो हमारी मनोवैज्ञानिक स्थिति है। उदाहरण के लिए जब कोई कर्मचारी एक ही संस्थान में लंबे समय तक रहता है... आगे पढ़े

आप भी हैं नॉन वेज के शौकीन, ये कथा बदल देगी आपका जीवन

Updated on 4 August, 2017, 7:47
एक राजा शिकार का बड़ा प्रेमी था। जब वह शिकार के लिए जाता था तो चारों ओर हाहाकार मच जाता था। वन के सभी जीव बहुत दुखी थे। उन जीवों में एक उदार और मृदुभाषी मृगभी था। वह वन के जीवों के दुख से बहुत दुखी था। वह सोचता था,... आगे पढ़े

नजरिए पर निर्भर करता है व्यक्ति का परेशानी में फंसना अौर निकलना

Updated on 8 July, 2017, 7:51
एक शहर में एक धनी व्यक्ति रहता था। उसके पास बहुत पैसा था और उसे इस बात पर बहुत घमंड भी था। एक बार किसी कारण से उसकी आंखों में इन्फैक्शन हो गया। आंखों में बुरी तरह जलन होती थी। वह डॉक्टर के पास गया लेकिन डॉक्टर उसकी इस बीमारी... आगे पढ़े

प्रेरणात्मक कहानी: अंधविश्वास कि आड़ में परम्पराओं को न पनपने दें

Updated on 6 July, 2017, 5:20
    एक महात्मा जी अपने कुछ शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे। एक दिन बिल्ली का एक बच्चा रास्ता भटककर आश्रम में आ गया। महात्मा जी ने उस भूखे-प्यासे बच्चे को दूध-रोटी खिलाई। वह बच्चा वहीं आश्रम में रहकर पलने लगा लेकिन उसके आने के बाद महात्मा जी... आगे पढ़े

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