Wednesday, 20 February 2019, 6:32 PM

टाईम पास

यहां रेस्टोरेंट में परोसा जाता है सांपों का मांस, वाइन में सोडा नहीं मिलाते हैं खून

Updated on 12 September, 2018, 10:30
नई दिल्ली : अगर आपसे कोई पूछे कि रेस्टोरेंट में जाकर आप क्या खाना पसंद करेंगे तो शायद आपका जवाब होगा चिकन, मटन और और कोई पॉपुलर नॉनवेज डिश. लेकिन शायद ही आप सांपों के मांस की कल्पना कर पाएं. लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां के लग्जरी रेस्टोरेंट में... आगे पढ़े

चिता जली तो हो गई जिंदा, अस्पताल में इलाज के दौरान फिर मौत के आगोश में समाई

Updated on 10 September, 2018, 10:26
झारखंड में चतरा के सोखा में रात अमर चौधरी की पुत्री क्रांति कुमारी (16) को नींद में सांप ने डंस लिया। विष के प्रभाव में वह बेहोश हो गई। सुबह लड़की के नहीं उठने पर घर वाले परेशान हो गए। उसे उठाने का प्रयास किया, तभी गले में सांप के... आगे पढ़े

OMG! एंटीबायोटिक लेने से महिला की जीभ पर उग गए बाल, फिर...

Updated on 8 September, 2018, 11:45
नई दिल्ली : आजकल एंटीबायोटिक्स के उपयोग धड़ल्ले से हो रहे है. स्वस्थ हो या फिर बीमार खुद को फिट रखने के लिए लोग एंटीबायोटिक्स का यूज कर रहे हैं. एंटीबायोटिक्स लेते हुए हम अक्सर इसके फायदों को तो पढ़ते हैं, लेकिन इसके नुकसानों को नजरअंदाज करते हैं. एंटीबायोटिक्स के... आगे पढ़े

सिंह और बूढ़े शशक की कहानी

Updated on 4 September, 2018, 14:28
मंदर नामक पर्वत पर दुदार्ंत नामक एक सिंह रहता था और वह सदा पशुओं का वध करता रहता था। तब सब पशुओं ने मिल कर उस सिंह से विनती की, सिंह एक साथ बहुत से पशुओं की क्यों हत्या करते हो ? जो प्रसन्न हो तो हम ही तुम्हारे भोजन... आगे पढ़े

चुनरी हरी उढानी है

Updated on 19 August, 2018, 7:00
विवेक रंजन श्रीवास्तव रोप पोस कर पौधे, अनगिन हरे भरे  अपनी जमीं को चूनर, हरी ओढ़ानी है होंगे संकल्प सारे हमारे फलीभूत हम प्रयास तो करें, सफलता आनी है  जब खरीदा, इक सिलेंडर आक्सीजन  तब  वृक्षों की कीमत उसने जानी है  जहाँ अंकुरण बीजों का है  संभव  ब्रम्हाण्ड में सारे , धरा यही वरदानी है  घाटियां गहराईयां , ऊँचाईयां... आगे पढ़े

मकान मालकिन का सवाल था, तुम ऐसा-वैसा काम तो नहीं करती हो?

Updated on 18 August, 2018, 15:30
ये कहानी लखनऊ से दिल्ली पढ़ाई करने आई एक लड़की की है. जो पढ़ाई के दौरान तो हॉस्टल में रही, लेकिन नौकरी लगने के बाद किराए पर कमरा बेहद मुश्किलों से मिला. जब पहली दफा कमरा ढूंढने गई तो मकान मालकिन ने 'तुम ऐसा वैसा काम तो नहीं करती हो'... आगे पढ़े

उस डेढ़ पसली में अब वो बात कहां

Updated on 13 November, 2017, 12:12
आदमी जब फिसलता है तो खुद के शरीर का बोझ ही उसे पटक देता है। अखाड़ों में बड़े बड़े सूरमाओं को जो देंह पछाड़ देती है अटके वक्त में वही स्वयं की दुश्मन बन जाती है। कल तक जो खूबियां थी आज वही मजाक बना देती हैं। सार्वजनिक जीवन में... आगे पढ़े

संसार की कोई शक्ति न आपके पुण्य बढ़ा सकती और न ही पाप घटा सकती

Updated on 11 November, 2017, 12:42
भोपाल। आपका भविष्य आपके आचरण और कर्म पर निर्भर है। यदि आपने अच्छे काम किए हैं तो कोई भी आपके पुण्यों की  वृद्धि से नहीं रोक सकता, यदि गलतियां हुईं हैं तो कोई उन्हें माफ नहीं करा पाएगा। किसी की गलती माफ नहीं होती उसे प्रायशिचत्त करना ही पड़ेगा,दंड भोगना... आगे पढ़े

"भविष्य सुरक्षित,वर्तमान तनावग्रस्त "

Updated on 11 November, 2017, 12:41
व्यस्तता भरे दिनों में कार्यों का निष्पादन कर पाना मुश्किल जरूर होता है परन्तु कार्य पूर्ण होने के बाद की अनुभूति बहुत ही सुखद होती है। यकीन न हो तो स्वयं के बारे में सोच कर महसूस कर सकते है कि आप अपने कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन के पश्चात जब... आगे पढ़े

तुम्हीं ने दर्द दिया है तुम्हीं दवा देना

Updated on 7 November, 2017, 13:21
दो मसले मुझे हमेशा बहुत परेशान करते हैं। एक डाक्टरों की पर्ची और दूसरी बड़ी अदालतों के फैसलों की इबारत। मैं अँग्रेजी माध्यम से विग्यान का स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधिधारी हूँ जब मैं असहज और परेशान हो जाता हूँ तो उन लोगों की क्या कहिए जिन्हें पढाई के समय एबीसीडी... आगे पढ़े

फिर भी जलती रहेगी लोहिया के विचारों की मशाल

Updated on 13 October, 2017, 12:55
राजनीति ऐसा तिलस्म है कभी सपनों को यथार्थ में बदल देता है तो कभी यथार्थ को काँच की तरह चूर चूर कर देता है। काँग्रेसमुक्त भारत की सोच डाक्टर राममनोहर लोहिया की थी। आज देश लगभग कांग्रेस मुक्त है पर लोहिया मुखपृष्ठ पर नहीं हैं। 12 अक्टूबर को लोहिया जी... आगे पढ़े

दूसरी आजादी के मुक्तिदाताः जेपी और नानाजी

Updated on 9 October, 2017, 13:54
अक्टूबर का महीना बड़े महत्व का है। पावन,मनभावन और आराधन का। दशहरे से शुरू हुआ, देवप्रबोधिनी तक चलेगा। भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता है। 2 अक्टूबर को गांधीजी,शास्त्रीजी की जयंती थी। 11अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती है। चारों के बीच ही परस्पर... आगे पढ़े

विषमता का बोझा और कबतक ढोएगी रेल

Updated on 6 October, 2017, 12:11
राज्यपाल या मुख्यमंत्री रेल से चलें आज कोई इसकी कल्पना नहीं कर सकता। इस दर्जे के महापुरुषों की यात्राएं भी खबर बनती हैं। पंद्रह साल पहले एक ऐसी ही घटना खबर बनी। हुआ यह कि अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच पटरी नहीं बैठती थी। वजह राज्यपाल केंद्र... आगे पढ़े

अपने लिये नहीं परिजन के लिये करें सुरक्षित ड्राइव

Updated on 5 September, 2017, 12:54
रोजमर्रा की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में जीने के लिये लोगों ने रफ्तार का सहारा ले रखा है। इसमें वे यह भूल जाते हैं कि हमारे पीछे भी कोई है। हम बात कर रहे हैं उन लोगों की जो तेज गति से वाहन चलाकर काल के गाल में समा जाते... आगे पढ़े

रूपए की इज्जत का सवाल है बाबा

Updated on 2 September, 2017, 12:16
जब जब रुपया धड़ाम से नीचे गिरता है तो अपने देश के स्वयंभू अर्थशास्त्रियों के बीच हाहाकार मच जाता है। तेजडिय़ों, मंदडिय़ों के चेहरे सूखने लगते हैं। शेयर बाजार में सेनसेक्स और निफ्टीे हार्टअटैक नापने की मशीन के कांटे की तरह ऊपर-नीचे होने लगते हैं। हाल फिलहाल ऐसा ही कुछ... आगे पढ़े

अफवाहों का माध्यम बनता सोशल मीडिया

Updated on 13 August, 2017, 12:05
अनिल कुमार पाण्डेय वर्तमान दौर सूचनाओं के त्वरित प्रवाह का है। सूचनाएं बिजली की चलपता से एक स्थान से अन्यत्र हवाओं में तैरती हुई हमारे माध्यमों के मार्फत सभी तक पहुंच रही हैं। सूचना समर के इस दौर में अफवाहों का तंत्र भी इसके समानांतर गतिशील है। अफवाहें कब सूचनाओं का... आगे पढ़े

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